IMF और World Bank ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर पड़ रहे दबाव को लेकर चिंता जताई है।
उन्होंने कहा कि अगर यह अस्थिरता लंबे समय तक जारी रही तो एनर्जी मार्केट में और ज्यादा उथल-पुथल हो सकती है।
IMF और World Bank ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर पड़ रहे दबाव को लेकर चिंता जताई है।
उन्होंने कहा कि अगर यह अस्थिरता लंबे समय तक जारी रही तो एनर्जी मार्केट में और ज्यादा उथल-पुथल हो सकती है।

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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और वर्ल्ड बैंक ने मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर बढ़ते दबाव को लेकर संयुक्त चेतावनी जारी की है। इन संस्थानों ने अपने बयान में कहा कि भले ही ग्लोबल इकॉनमी ने हाल के मुश्किल हालातों में काफी मजबूती दिखाई है, लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से एनर्जी मार्केट पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
मिडिल ईस्ट दुनिया का एक अहम तेल और गैस उत्पादन केंद्र है, लेकिन वहां बढ़ती अस्थिरता से सप्लाई चेन में रुकावट का डर बढ़ गया है। IMF और वर्ल्ड बैंक ने कहा कि अगर यह संघर्ष लंबे समय तक चला तो एनर्जी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव हो सकता है, जिसका असर विकसित और विकासशील दोनों तरह की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा। बयान में कहा गया, "ग्लोबल इकॉनमी की मजबूती काबिले तारीफ है, लेकिन यह लंबे समय तक चलने वाली भू-राजनीतिक अस्थिरता के असर से अछूती नहीं रह सकती।"
विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि एनर्जी पर निर्भर देशों को इस स्थिति के बिगड़ने पर गंभीर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब दुनियाभर के नीति-निर्माता महंगाई और अपनी अर्थव्यवस्थाओं को स्थिर करने की कोशिशों में जुटे हैं। IMF और वर्ल्ड बैंक ने देशों से अपील की है कि वे एनर्जी सिक्योरिटी सुनिश्चित करने और इस संघर्ष के संभावित असर को कम करने के लिए मिलकर काम करें।
इन ग्लोबल संस्थानों ने यह भी कहा कि वे हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित अर्थव्यवस्थाओं को जरूरी मदद देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।