पूर्व अमेरिकी अटॉर्नी पाम बॉन्डी हाल ही में एक सुनवाई के दौरान विवादों में घिर गईं, जब उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित भूमिका पर सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। इस मामले में डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने उनकी आलोचना की। बॉन्डी की चुप्पी ने एप्सटीन केस में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सुनवाई के दौरान डेमोक्रेटिक नेताओं ने बॉन्डी के रवैये पर नाराज़गी जताई। एक डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि ने कहा, "अमेरिकी जनता को जवाब चाहिए, न कि गोलमोल बातें।" कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए और कहा कि जांच के हर पहलू को निष्पक्षता से देखा जाना चाहिए।
पाम बॉन्डी, जो पहले फ्लोरिडा की अटॉर्नी जनरल रह चुकी हैं, ने कानूनी बाधाओं का हवाला देते हुए ट्रंप की भूमिका पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि, उनकी इस सफाई से न तो नेताओं और न ही जनता की चिंताएं कम हुईं। एप्सटीन केस, जो पहले से ही हाई-प्रोफाइल कनेक्शन्स के कारण सुर्खियों में है, अब और भी सवाल खड़े कर रहा है।
सुनवाई खत्म होने के बाद पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग और तेज़ हो गई। जानकारों का मानना है कि बॉन्डी के सवालों से बचने का रवैया इस केस में गहराई से जांच की मांग को और बढ़ा सकता है।