ऑस्ट्रेलिया को अमेरिका से मिलेंगी सेकंड-हैंड पनडुब्बियां, AUKUS डील में बड़ा बदलाव

ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और यूके ने AUKUS समझौते में बदलाव करते हुए ऑस्ट्रेलिया को अमेरिका से वर्जीनिया-क्लास पनडुब्बियां देने की घोषणा की है। इस कदम का मकसद सप्लाई चेन को आसान बनाना, ऑपरेशनल जटिलताओं को कम करना और लागत में कटौती करना है।

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ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और यूके ने AUKUS समझौते में बदलाव करते हुए ऑस्ट्रेलिया को अमेरिका से वर्जीनिया-क्लास पनडुब्बियां देने की घोषणा की है।

इस कदम का मकसद सप्लाई चेन को आसान बनाना, ऑपरेशनल जटिलताओं को कम करना और लागत में कटौती करना है।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)

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ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और यूके के बीच हुए AUKUS सुरक्षा समझौते के तहत ऑस्ट्रेलिया को अब अमेरिका से सेकंड-हैंड वर्जीनिया-क्लास पनडुब्बियां मिलेंगी। इस संशोधित समझौते का उद्देश्य पनडुब्बियों की खरीद प्रक्रिया को आसान बनाना है। यह घोषणा ऑस्ट्रेलिया के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर रिचर्ड मार्ल्स, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और यूके के रक्षा सचिव जॉन हीली द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में की गई।

बयान में कहा गया, "डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और रक्षा सचिवों ने वर्जीनिया-क्लास पनडुब्बियों (VCS) की खरीद प्रक्रिया को आसान बनाने, सप्लाई चेन मैनेजमेंट को सरल करने, ऑपरेशनल और मेंटेनेंस से जुड़ी जटिलताओं को कम करने और लागत को अधिकतम कुशल बनाने के प्रस्तावित तरीके का स्वागत किया।"

यह कदम ऑस्ट्रेलिया की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। 2021 में शुरू हुए त्रिपक्षीय AUKUS समझौते के तहत यह बदलाव किया गया है। इस संशोधित डील से पनडुब्बियों की खरीद से जुड़े लॉजिस्टिकल और वित्तीय मुद्दों को हल करने की उम्मीद है।

AUKUS समझौता ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और यूके के बीच एक रणनीतिक साझेदारी है, जिसका मकसद इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देना है। यह नई डील तीनों देशों की रक्षा सहयोग को और गहरा करने और क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना करने के लिए एक मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।