भारतीय महिलाओं की डिजिटल पहुंच 2021 से दोगुनी हुई: सर्वे

एक हालिया सर्वे में खुलासा हुआ है कि 2021 से अब तक भारतीय महिलाओं की डिजिटल पहुंच दोगुनी हो गई है। यह बढ़ोतरी देश में जेंडर डिजिटल डिवाइड को कम करने की कोशिशों को दिखाती है, हालांकि सभी महिलाओं तक समान पहुंच अभी भी चुनौती बनी हुई है।

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एक हालिया सर्वे में खुलासा हुआ है कि 2021 से अब तक भारतीय महिलाओं की डिजिटल पहुंच दोगुनी हो गई है।

यह बढ़ोतरी देश में जेंडर डिजिटल डिवाइड को कम करने की कोशिशों को दिखाती है, हालांकि सभी महिलाओं तक समान पहुंच अभी भी चुनौती बनी हुई है।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)

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भारतीय महिलाओं की डिजिटल पहुंच 2021 से अब तक दोगुनी हो गई है। यह जानकारी एक हालिया सर्वे में सामने आई है, जो देश में जेंडर डिजिटल डिवाइड को कम करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। सर्वे के मुताबिक, स्मार्टफोन और इंटरनेट सेवाओं की बढ़ती पहुंच और महिलाओं को टेक्नोलॉजी के जरिए सशक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे खास कार्यक्रम इस बदलाव में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

हालांकि, सर्वे में यह भी बताया गया है कि महिलाओं को समान डिजिटल पहुंच दिलाने की राह अभी लंबी है। खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में रहने वाली महिलाओं को affordability (खर्च), डिजिटल साक्षरता की कमी और सांस्कृतिक बाधाओं जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन चुनौतियों को देखते हुए यह जरूरी है कि डिजिटल कनेक्टिविटी का फायदा समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

महिलाओं की डिजिटल पहुंच में इस बढ़ोतरी को शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने इस मौके पर जोर दिया है कि इस प्रगति को बनाए रखने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, सस्ते डिवाइस और महिलाओं के लिए खास ट्रेनिंग प्रोग्राम में निवेश किया जाए।

सर्वे के नतीजे यह भी याद दिलाते हैं कि डिजिटल समावेशन महिलाओं के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है। खासकर उन महिलाओं के लिए जो अब तक डिजिटल क्षेत्र में पीछे रही हैं। जैसे-जैसे भारत डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की ओर बढ़ रहा है, महिलाओं को समान डिजिटल पहुंच दिलाना सरकार और समाज के लिए एक अहम प्राथमिकता बनी रहेगी।